पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अपने बयानों से ‘छोटी मुंह, बड़ी बात’ के उदाहरण देते रहते हैं। भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर क्षमता से इतर बातें करने वाले इमरान ने अपनी आर्मी को लेकर ही डींग हांक दी जिससे वह विपक्षी दलों के निशाने पर आ गए हैं। उन्होंने कहा कि वह ‘आर्मी से नहीं डरते हैं’ क्योंकि वह और उनकी सरकार भ्रष्टाचार के मामले में बिल्कुल पाक-साफ हैं। उन्होंने कहा कि आर्मी को सब पता है कि पाकिस्तान में भ्रष्ट कौन है।
पाकिस्तानी न्यूज वेबसाइट डॉन.कॉम के मुताबिक, विपक्षी दलों ने इमरान के इस बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाने तक की बात कह दी है। पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) ने कहा कि सेना और राष्ट्रीय सुरक्षा संस्थानों को लेकर दिया गया इमरान खान का बयान गैरजिम्मेदाराना है। पार्टी ने प्रधानमंत्री के खिलाप महाभियोग प्रस्ताव लाने की भी मांग की।
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वहीं, जमायत-ए-इस्लामी ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह बयान बताता है कि आर्मी उनके पीछे खड़ी है। पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह स्वीकारोक्ति राष्ट्रीय संस्थानों को राजनीति में घसीटने जैसी है।
इमरान ने अपने बेनिगाला स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा था कि आर्मी को अच्छे से पता है कि वह न तो पैसे बना रहे हैं और न ही वह भ्रष्ट हैं, इसलिए उन्हें आर्मी से डर नहीं लगता है। उन्होंने दावा किया कि सरकार पर कोई खतरा नहीं है क्योंकि एजेसियों को पता है कि कौन क्या कर रहा है और कौन भ्रष्टाचार में लिप्त है।
इस पर पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के महासचिव नय्यर बुखारी ने कहा कि देशों का शासन स्टेटमैनशिप से चलता है, न कि बचकानी हरकतों से। उन्होंने कहा, ‘इमरान खान सत्ता के मद में चूर होकर होशो-हवास खो बैठे हैं। संसद में महाभियोग लाकर ही उनका इलाज किया जा सकता है।’
वहीं, जमाय-ए-इस्लामी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री को कहना चाहिए कि उनके पीछे देश की आम जनता खड़ी है न कि आर्मी। उन्होंने यह कहते हुए दुख जताया कि शासक गैर-जिम्मेदाराना बयान देने से पहले पलभर भी नहीं सोचते हैं। पार्टी ने कहा कि इमरान सरकार देश से बाहर कश्मीर की लड़ाई लड़ने में नाकामयाब रही है और अंदर उसने देश को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के हाथों सौंपकर इकॉनमी का बुरा हाल कर दिया।
Source: International